Operators in C in Hindi

Language C

एक ओपेरटर एक ऐसा सिम्बल है जो कि कंपाइलर को बताता है कि इस जगह मैथमैटिकल फंक्शन करना है या लॉजिकल फंक्शन करना है । कि लैंग्वेज में कुल मिला कर 6 तरह के ऑपरेटर हैं ।

  1. Arithmetic Operators ( अरिथमेटिक  ऑपरेटर्स )
  2. Relational Operators ( रिलेशनल  ऑपरेटर्स )
  3. Logical Operators ( लॉजिकल  ऑपरेटर्स )
  4. Bitwise Operators ( बिटवाइज  ऑपरेटर्स )
  5. Assignment Operators ( असाइनमेंट ऑपरेटर्स )
  6. Miscellaneous Operators ( मिसीलनयस ऑपरेटर्स  )

 

  1. Arithmetic Operators ( अरिथमेटिक  ऑपरेटर्स ) – नीचे दिए गए टेबल में C में इस्तेमाल किये जाने वाले सारे अर्थिमटिक ऑपरेटर दिए गए हैं । अगर हम मान लें कि A की वैल्यू 10 और B की वैल्यू 20 है तो
perator Description Example
+ दोनों ऑपरेंड को का जोड़ A + B = 30
ऑपरेंड A में से ऑपरेंड B को माइनस करना A − B = -10
* दोनों ऑपरेंड का गुना A * B = 200
/ Divides numerator by de-numerator. B / A = 2
% Modulus Operator and remainder of after an integer division. B % A = 0
++ Increment operator increases the integer value by one. A++ = 11
Decrement operator decreases the integer value by one. A– = 9

2.     Relational Operators (रिलेशनल ऑपरेटर) – उन ओपेरटरों को कहते हैं जो दो वेरिएबल के बीच का रिलेशन बताते हैं ।

Operator Description Example
== यह चेक करता कि दोनों वेरिएबल की वैल्यू बराबर है तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A == B) is not true.
!= यह चेक करता कि दोनों वेरिएबल की वैल्यू बराबर नहीं  है तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A != B) is true.
> यह चेक करता कि दोनों वेरिएबल की वैल्यू बराबर नहीं  है तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A > B) is not true.
< यह चेक करता कि बाएं तरफ वाले वेरिएबल की वैल्यू  दायें तरफ के वेरिएबल की वैल्यू से जायदा है तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A < B) is true.
>= यह चेक करता कि बाएं तरफ वाले वेरिएबल की वैल्यू  दायें तरफ के वेरिएबल की वैल्यू से जायदा है  या बराबर है  तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A >= B) is not true.
<= यह चेक करता कि बाएं तरफ वाले वेरिएबल की वैल्यू  दायें तरफ के वेरिएबल की वैल्यू से कम है  या बराबर है  तो यह true वैल्यू return करता है अन्यथा false (A <= B) is true.

3. Logical Operator (लॉजिकल ऑपरेटर ) – नीचे दिए गए टेबल में वो सभी लॉजिकल ओपेरटर दिए गए हैं जिनका उपयोग C में होता है यहां पर हम ये मान लेते हैं कि A की वैल्यू  1 है और B की वैल्यू 0 है .

Operator Description Example
&& इसको एंड लॉजिकल ऑपरेटर कहते हैं ।  यदि A और B दोनों वेरिएबल की वैल्यू 1 हो या  A और B दोनों वेरिएबल की वैल्यू 0 हो तो इसकी वैल्यू भी true होती है (A && B) is false.
|| इसको आर लॉजिकल ऑपरेटर कहते हैं । यदि A और B दोनों वेरिएबल   में से किसी एक की भी  वैल्यू 1 तो इसकी वैल्यू भी true होती है (A || B) is true.
! इसको नॉट  लॉजिकल ऑपरेटर कहते हैं । यह किसी भी वेरिएबल या ऑपरेंड की लॉजिकल स्टेट को  reverse करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे यदि किसी की लॉजिकल स्टेट true है तो इस ऑपरेटर को इस्तेमाल करने के बाद इसकी वैल्यू false होगी !(A && B) is true

4. Bitwise operator ( बिटवाइस ऑपरेटर ) – यह ऑपरेटर बिट पर कार्य करता और यह bit-by-bit  पर कार्य करता है

The truth tables for &, |, and ^ is as follows −

 

p q p & q p | q p ^ q
0 0 0 0 0
0 1 0 1 1
1 1 1 1 0
1 0 0 1 1

5. Assignment Operator ( असाइनमेंट ऑपरेटर ) – इस ऑपरेटर से हम वेरिएबल में कोई वैल्यू देते  करते हैं ।

Operator Description Example
= इस असाइनमेंट ऑपरेटर से हम ऑपरेटर के दाएं वाली वैल्यू बाई तरफ के वेरिएबल में देते हैं । जैसे Aऔर B की वैल्यू को जोड़कर उसको C में असाइन कर दिया । C = A + B will assign the value of A + B to C
+= इस ऑपरेटर से बायीं तरफ के वेरिएबल में बायीं तरफ के वेरिएबल की वैल्यू और दाहिने तरफ की वैल्यू को जोड़कर असाइन कर दी जाती है C += A is equivalent to C = C + A
-= इस ऑपरेटर से बायीं तरफ के वेरिएबल में बायीं तरफ के वेरिएबल की वैल्यू में  दाहिने तरफ की वैल्यू को घटाकर असाइन कर दी जाती है C -= A is equivalent to C = C – A
*= इस ऑपरेटर से बायीं तरफ के वेरिएबल में बायीं तरफ के वेरिएबल की वैल्यू और दाहिने तरफ की वैल्यू को गुणाकर असाइन कर दी जाती है C *= A is equivalent to C = C * A
/= इस ऑपरेटर से बायीं तरफ के वेरिएबल में बायीं तरफ के वेरिएबल की वैल्यू को दाहिने तरफ की वैल्यू  से भाग देकर  असाइन कर दी जाती है C /= A is equivalent to C = C / A
%= इस ऑपरेटर से बायीं तरफ के वेरिएबल में बायीं तरफ के वेरिएबल की वैल्यू और दाहिने तरफ की वैल्यू  से मोड निकल कर   असाइन कर दी जाती है C %= A is equivalent to C = C % A
<<= Left shift और  assignment operator. इसमें दो ऑपरेटर एक साथ हैं एक लेफ्ट शिफ्ट ऑपरेटर जिसमें हम किसी वेरिएबल की वैल्यू बिटवाइस दो बिट लेफ्ट शिफ्ट करते और फिर उसे दुबारा से उसी वेरिएबल में असाइन कर देते हैं C <<= 2 is same as C = C << 2
>>= Right shift और  assignment operator. C >>= 2 is same as C = C >> 2
&= Bitwise और  assignment operator. C &= 2 is same as C = C & 2
^= Bitwise exclusive OR और  assignment operator. C ^= 2 is same as C = C ^ 2
|= Bitwise inclusive OR और  assignment operator. C |= 2 is same as C = C | 2

6. Miscellaneous operators ( मिसलेनियस ऑपरेटर ) – इस सीरीज में वो ऑपरेटर आते हैं जिनकी बात ऊपर नहीं की गयी फिर भी वो बहुत महत्वपूर्ण हैं ।

 

Operator Description Example
sizeof() sizeof()  इसमें ब्रैकेट में जिस वेरिएबल का नाम लिखते हैं ये ऑपरेटर उसकी साइज बता देता है sizeof(a), where a is integer, will return 4.
& जब हमें किसी वेरिएबल का मेमोरी एड्रेस जानना होता है तो हम & के साथ वेरिएबल नाम लिखते हैं । &a; returns the actual address of the variable.
* किसी पॉइंटर के साथ * इस्तेमाल करके हम उस वेरिएबल की वैल्यू जान सकते हैं । *a;
? : इसे हम सिंगल लाइन इफ स्टेटमेंट भी कह सकते हैं इसमें ? से पहले if statement या condition होती है ? के बाद true statement और :  के बाद false statement लिखते हैं । If Condition is true ? then value X : otherwise value Y

 

 

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