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Function in C (hindi)

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Function In C In Hindi

फंक्शन – C में एक या अधिक  स्टेटमेंट जो कि सम्मिलित रूप से किसी  टास्क को करते हैं  को फंक्शन कहा जाता है । किसी भी C प्रोग्राम में कम से कम एक फंक्शन main() तो होता ही है इसके अलावा अन्य प्रोग्राम में और भी फंक्शन होते हैं ।

आप अपने कोड को कई फंक्शन में बाँट कर रख सकते हैं ।

फंक्शन बना कर coding करने से कई लाभ होते हैं जैसे एक ही प्रकार के टास्क के लिए हमें बार बार कोडिंग  नहीं करनी पड़ती  बस हमें उस फंक्शन को ही हर बार कॉल करना होता है |

बड़े प्रोग्राम में एरर की बहुत सम्भावना होती है पर जब हम इससे कई छोटे छोटे फंक्शन में बाँट कर लिखते हैं  तब हमारी पकड़ बहुत अच्छी होती है और गलतियों की सम्भावना बहुत काम होती है ।

Built-in Function 
हमें बहुत सारे फंक्शन कि के साथ भी मिलते हैं जिन्हें हम बिल्ट इन  फंक्शन कहते हैं इनको अलग अलग केटेगरी के हिसाब से अलग अलग लाइब्रेरी फाइल में डिफाइन किया गया है जब जिस प्रकार के फंक्शन को इस्तेमाल करना होता है उस कटेगरी की हेडर फाइल को अपने कोड में include करके हम उन फंक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं । जैसे input और  output से सम्बंधित फंक्शन इस्तेमाल करने के लिए हमें standard input and output header file include करनी पड़ती है इसलिए हम  #include <stdio.h> लिख कर इस फाइल को अपने कोड में ऐड कर लेते हैं ।

User Defined Function
जो फंक्शन हम अपने प्रोग्राम में अपनी जरूरत के अनुसार डिफाइन करते हैं या बनाते हैं उन्हें यूजर डिफाइंड फंक्शन कहते हैं ।

जब हम फंक्शन डिफाइन की बात करते हैं तो हम मूल रूप से फंक्शन हेडर और फंक्शन बॉडी की बात करते हैं । यहां पर हम फंक्शन सभी भागों के बारे में बात करेंगे । जैसे  Return type , function name , parameter और  function body.
Example

int sumoftwonum(int ,int ); //function prototype

int sumoftwonum(int a,int b) { // function definition

int c=0;
c = a + b;

return c;
}

int finalsum = sumoftwonum(6,5); // function calling


function prototype
– यह पार्ट सबसे ऊपर लिखा जाता है इस पार्ट से कम्पाइलर को मालूम पड़ता है कि इस नाम का फंक्शन नीचे डिफाइन किया गया है ।

function define – इस पार्ट में फंक्शन में क्या होगा इसके लिए कोडिंग की जाती है |

function call – इस पार्ट में फंक्शन को कॉल किया जाता है या हम ये भी कह सकते हैं की इसी स्टेटमेंट के बाद ही फंक्शन कार्य करना शुरू करता है ।

Explanation – इसमें sumoftwonum function name है और उसके बाद ब्रैकेट में दो बार int लिखा गया है जिसका अर्थ है की इस function में हमें दो  int value parameter या argument के रूप में भेजनी पड़ेंगी । लाइन में सबसे पहले भी int लिखा गया है इसका अर्थ है कि यह function run होने के बाद एक int value return करेगा ।

फंक्शन को कॉल करते समय हम उसे value या argument दो प्रकार से दे सकते हैं |

  1. Call by value – इस प्रकार से जब हम किसी वेरिएबल की वैल्यू function में भेजते हैं तो उस वेरिएबल की वास्तविक value की copy भेजते हैं इससे वेरिएबल की वास्तविक वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ता है ।Example
    int add_num_five(int b){
    b = b+5;
    return b;
    }int a=0;
    int c = 5;
    a = add_num_five(c);
    print(“n a= %dt c = %d”,a,c);
    output -> a = 10 c = 5
  2. Call by reference – इस प्रकार से जब हम function call करते हैं तो हमें variable का address भेजते हैं तो फंक्शन में कार्य उस variable की वास्तविक वैल्यू पर होता है ।                                                       int add_num_five(int *b) {*b = *b + 5;
    return *b;
    }

    int a = 0 ;
    int c = 5;
    a = add_num_five(&c);
    output -> a = 10 c = 10

    यहां पर फंक्शन में c की वास्तविक value पर काम हुआ है इसलिए इसमें c की value भी बदल गई ।

    यहां पर यदि यह पूरी तरह से समझ में नहीं आ रहा है तो भी चिंता की कोई बात बात नहीं क्योंकि हम इसकी  pointer section में विस्तार से चर्चा करेंगे ।

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